शिक्षा के विकास से लेकर राजनीति तक😃
शिक्षा : समावेशी विकास हेतु व्यवहारिक जीवन में इस्तेमाल होने वाले अग्रणी सिद्धांत, महात्मा गांधी जी के कथन:-"मेरी वास्तविक राजनीति ही रचनात्मक कार्य है" सर्वप्रथम शिक्षा की बात करे शिक्षा जीवन का अभिन्न अंग है, बिना शिक्षा मनुष्य अपंग है, शिक्षा मनुष्य को सोच देती है समझ का उदभव करती है जिससे प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन को एक शासन से जिये। शिक्षा का जीवन में सबसे अधिक महत्व है। अब समझना होगा समावेशी विकास क्या है। समान अवसरों के साथ विकास करना ही समावेशी विकास है। दूसरे शब्दों में ऐसा विकास जो न केवल नए आर्थिक अवसरों को पैदा करे, बल्कि समाज के सभी वर्गो के लिए सृजित ऐसे अवसरों की समान पहुंच को सुनिश्चित भी करे हम उस विकास को समावेशी विकास कह सकते हैं। अब बात करे महात्मा गांधी जी के कथन"मेरी वास्तविक राजनीति ही रचनात्मक कार्य है" इस कथन मैं राष्ट्रपिता ने समाज के समग्र विकास की नींव को मजबूत बनाने के लिए नागरिकों के योगदान की महत्ता को ध्यान ...