for my teacher

शिक्षक दिवस

शिक्षक एक ऐसा शब्द है जिससे मैं ही नहीं सभी डरते है स्कूल का नाम सुनते ही वो सर याद आ जाते है जो कक्षा मैं कुछ पूछेंगे फिर न जाने के बहाने आप लोग सोचेंगे हम तो नहीं करते थे हां तो मैं करता था ना 10 वी तक तो होम वर्क मैं भी जोर आता था न याद करता डंडे भी खूब खाये है मजे भी करे है ये नई मैं कमजोर था बस जोर बहुत आता था लेकिन उन शिक्षकों को तहे दिल से धन्यवाद जिन्होंने मुझे झेला मुझे पढ़ा दिया और माता पिता का तो समय के हर पल पर आभार रहेगा
आज शिक्षक की बात आ ही रही है तो सब कुछ निकाल देते है सर भी कम नई होते जिस किसी बात से गुस्सा होकर आएंगे तो आते ही धुलाई कर देंगे फिर खौफ का माहौल पैदा हो जाता है जैसे आस पास आतकवादियो ने हमला कर दिया हो वास्तव मैं कुछ तो बेवजह ही पीटते थे कुछ को ज्यादा ही प्यार मिलता था लेकिन स्कूल का हर पल शिक्षक के साथ जीने का एक अलग ही अहसास कराता है जो कि हर समय वह याद आता है आज मैं ही नहीं सब यह सोचते ही की वो पुराने पल फिर से आ जाए लेकिन समय के ऊपर किसका बस है लेकिन ये यादे जिंदगी भर बनी रहेगी तो यही कहूंगा मैं ही नहीं आप भी अपने सर से तो जीवनभर संपर्क बनाकर चले जिन्होंने हमारी हर समय मदद करी क्या पता हमे भी उनकी मदद करने का मौका मिल जाए और मैं अपने सभी सर को धन्यवाद कहना चाहूंगा  जिन्होंने हमारा साथ दिया।

                         (तेरी पिटाई तेरी पढ़ाई तेरे समझाने का अंदाज प्यार करने का अंदाज नहीं भूलूंगा मैं
              जब तक है जान  जब तक है जान)

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